Thursday, August 16, 2007

Lead India Contest - just another view!

लेखन जगत ने
छेड़ा है एक वार्तालाप.
"किसे हम नेता चुने ?"
भागीदार हैं हम और आप!

ब्लॉग, फोरम, ई-मेल
एस-एम-एस, ऑडियेन्स पोल.
"दि बेस्ट" का है खेल
वोटिंग हुई दिल को खोल!

नारायण मुर्ति कहे जनता
अमिताभ बचचन और शशि थरूर.
अंतत पद जो गौरवान्वित करता
लगे नाम जैसे कहीं सुना ज़रूर...

ई-लेक्ट्रॉनिक मीडिया की पोलिंग
ऐसे ही फ़िज़ूल नतीजे लाती है;
एसी कमरों में एलीट क्लास करता है वोटिंग
बूथ कॅप्चरिंग हो नही पाती है।

वो तबका और है
जो वोट डालने जाता है.
कमल, पॅंजा, हाथी नही
सौ का नोट पहचानता है.

रही सही चूक
नेता संभाल देते हैं.
जनता की आवाज़ - मूक
अपना आदमी उतार देते हैं.

सौ करोड़ हिंदुस्तानी;
हो जाता है बेमानी.
प्रजातंत्र या राज-गद्दी?
इटॅलियन बहू बनी महारानी!

मैनिपूलेशन का है खेल
क्यों मिथ्या पोल कराते हो?
पर अच्छा है...
जन जन तक आवाज़ तो पहुँचाते हो.

प्राइमरी स्कूल में लगे पोलिंग बूथ पर
संभ्रांत समाज तो चलकर जाएगा नहीं.
और भूख से उपर उठकर कुछ सोचे
आम वोटर शायद इतना सुकून कभी पाएगा नही.

1 comments:

SGarima said...

great yaar, ds one is really gud