~~~~~~~~~~
क्योंकि हर एहसास बयाँ किया नहीं जा सकता.
क्योंकि हर रिश्ते को नाम दिया नहीं जा सकता.
क्योंकि गलत हमेशा ही गलत तो नहीं होता.
क्योंकि कभी-कभी सही, सही नहीं भी होता.
इसलिए एक मन होता है…
क्योंकि आगे बढ़ता कोई अपना भी कभी-कभी बुरा लगता है.
क्योंकि छल किया जो चुपके से, वो खुद को भला लगता है.
क्योंकि कभी-कभी पहले प्यार के बाद दूसरा भी हो जाता है.
क्योंकि कभी-कभी प्यार बिना बयाँ किये ही दफ़न भी हो जाता है.
इसलिए एक मन होता है…
क्योंकि दोस्तों की लम्बी फेहरिस्त में अक्सर एक दोस्त नहीं होता.
क्योंकि साये सी हमेशा पीछे क्यों रहती हो, ऐसा बीवी से कहते नहीं बनता.
क्योंकि बेपरवाह शौहर और पुराने किसी साथी का मिजाज़ तोलते नहीं बनता.
क्योंकि बिस्तर पे पड़े, न जिए-न मरे, माँ-बाप को मारते नहीं बनता.
इसलिए एक मन होता है…
मन जो अमर्यादित होता है, मन जो असामाजिक होता है.
मन जो अवैधानिक होता है, मन जो नाजायज़ सोचता है.
क्योंकि ख्यालों के पंख हैं होते, क्योंकि सपनो की खुली ज़मीं है होती.
क्योंकि सोच की मर्यादा नहीं होती, क्योंकि विचारों पे रोक नहीं होती.
इसलिए एक मन होता है…
ये मन अपने होंठ सी भी लेता है, अपने आंसू पी भी लेता है.
बड़ी खूबसूरती से ये मन कितना कुछ जी भी लेता है.
अन्दर का अन्दर बंद कर, बाहर का बाहर रखता है.
यही मन समाज में पूर्ण सामाजिक होकर निर्भीक चलता है.
इसलिए एक मन होता है…
अकेले इसको हर राज़ पीना भी है, होटों को सीना भी है.
दिक्कत है ये क़ि पूरे सफ़र होश में रहना भी है.
इसलिए एक मन होता है…....... जो सबसे बड़ा साथी होता है.
इसलिए एक मन होता है…......... जो बड़ा ही पापी होता है.
~~~~~~~~~
4 comments:
बहुत सुन्दर स्वरूप जी ! बधाई !
100% true.
ये मन अपने होंठ सी भी लेता है, अपने आंसू पी भी लेता है.
बड़ी खूबसूरती से ये मन कितना कुछ जी भी लेता है.
अन्दर का अन्दर बंद कर, बाहर का बाहर रखता है.....................................इसलिए एक मन होता है…....... जो सबसे बड़ा साथी होता है.
BAHUT SUNDER LIKHA HAI MAMTA .............and yes I can hear an ECHO..............GREAT TO BE CONNECTED. :))
Very Deep...............Nicely Expressed!!
Post a Comment