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गुज़र गया
एक दौर था वो
पहले भी थी ज़िन्दगी
उस दौर के
बाद में भी है ज़िन्दगी
उस दौर के
ज़िन्दगी नहीं थी दरम्यान
उस दौर के
बेहिसाब ज़मीन
नीला खुला आसमान
खुशनुमा सी तबियत
होठों पर बिखरी मुस्कान
नहीं, वो ज़िन्दगी नहीं थी
राज़ क्या था?
नहीं, तुम नहीं थे वो राज़
वो तो था महज़ एक एहसास
जो महका किया
इस दिलो-दिमाग के आस-पास
कब दे गए थे तुम बस
हवा उस एहसास को
बटोर रही हूँ आज तक
हर कली हर पात को
वो दौर एक भ्रम था
टूट गया
वो दौर एक वक़्त था
पीछे छूट गया
एक दौर था वो
पहले भी थी ज़िन्दगी
उस दौर के
बाद में भी है ज़िन्दगी
उस दौर के
ज़िन्दगी नहीं थी दरम्यान
उस दौर के
बेहिसाब ज़मीन
नीला खुला आसमान
खुशनुमा सी तबियत
होठों पर बिखरी मुस्कान
नहीं, वो ज़िन्दगी नहीं थी
राज़ क्या था?
नहीं, तुम नहीं थे वो राज़
वो तो था महज़ एक एहसास
जो महका किया
इस दिलो-दिमाग के आस-पास
कब दे गए थे तुम बस
हवा उस एहसास को
बटोर रही हूँ आज तक
हर कली हर पात को
वो दौर एक भ्रम था
टूट गया
वो दौर एक वक़्त था
पीछे छूट गया
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